संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में ट्रम्प ने मैक्रां से कहाः "हमारे पास सीरिया में बड़ी संख्या में आईएसआईएस (दाइश) के लड़ाके हैं।" “क्या आप उनमें से कुछ अच्छे लड़ाकों को लेना पसंद करेंगे? मैं उन्हें आपको दे सकता हूं। आप जिसे चाहें ले जा सकते हैं।"
मैक्रां ने जवाबी हमला करते हुए कहाः हमें गंभीर होने की ज़रूरत है। यह बात सही है कि आपके पास यूरोप से जाने वाले लड़ाके हैं। लेकिन इस क्षेत्र में जिस समस्या का हम सामना कर रहे हैं, उसका यह केवल एक छोटा सा भाग है। मैं समझता हूं कि हमारी प्राथमिकता आईएसआईएस (दाइश) को समाप्त करना होनी चाहिए, जो अभी भी सक्रिय है।"
उत्तरी सीरिया में कुर्द बल एसडीएफ़ की क़ैद में दाइश के हज़ारों आतंकवादी हैं, जिनमें से एक बड़ी संख्या यूरोपीय देशों से आने वाले आतंकवादियो की है। उत्तरी सीरिया पर तुर्की की सैन्य चढ़ाई के बाद कुर्द बलों ने धमकी दी थी कि वह इन आतंकवादियों को आज़ाद कर देंगे, क्योंकि यूरोपीय देश अपने इन नागरिकों को वापस लेने से कतरा रहे हैं और अमरीका, सीरिया पर तुर्की की सैन्य चढ़ाई का समर्थन कर रहा है।
ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि उसने सीरिया और इराक़ से दाइश के 23 अमरीकी आतंकवादियों को वापस लिया है। वहीं व्हाइट हाउस का कहना है कि यूरोपीय देश अपने नागरिक दाइशी आतंकवादियों को वापस लेने से इनकार कर रहे हैं।
पेंटागन का कहना है कि उत्तरी सीरिया में तुर्की के सैन्य अभियान के पहले ही कुछ दिनों के भीतर दाइश के क़रीब 200 आतंकवादी और 800 महिलाएं और बच्चे जेलों से फ़रार हो गए।
अमरीकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोपीय सरकारें अपने नागरिक आतंकवादियों को सीरिया से वापस लेने से इसलिए बच रही हैं, क्योंकि उन्हें उनके ख़िलाफ़ सफलतापूर्वक मुक़दमा चलाने की अपनी योग्यता पर संदेह है। "हालांकि, एसडीएफ़ ने चेतावनी दी है कि वह अनिश्चित काल तक आईएसआईएस के हज़ारों आतंकवादियों को अपनी हिरासत में नहीं रख सकते।"
सीरियाई कुर्दिश राजनयिक सिनम मोहम्मद ने 3 दिसंबर को बताया था कि यूरोपीय संघ ने "बच्चों को वापस लेने के लिए सहमति जता दी है।" लेकिन आतंकवादियों और उनकी पत्नियों के बारे में कोई समझौता नहीं हो सका है।
दो हफ़्ते पहले ब्रिटेन ने कुछ बच्चों को वापस लिया था, जो अपने मां-बाप के साथ सीरिया पहुंचे थे। हालांकि ब्रिटिश अधिकारियों ने दाइश के ब्रिटिश आतंकवादियों की नागरिकता भंग कर दी, ताकि उन्हें स्वदेश वापस लौटने से रोका जा सके।
ग़ौरतलब है कि सीरिया और इराक़ में दाइश के आतंकवादियों को लेकर अमरीकी और यूरोपीय अधिकारी अब आपस में झगड़ रहे हैं, लेकिन एक समय था जब वे उन्हें सीरियाई और इराक़ी सरकारों के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे और तुर्की के रास्ते उन्हें इन देशों में पहुंचा रहे थे।
सीरियाई और इराक़ी अधिकारियों ने संकट की शुरूआत में ही एलान कर दिया था कि अमरीका ने अपने सहयोगी पश्चिमी और अरब देशों के साथ मिलकर दाइश को जन्म दिया है, लेकिन यहीं आतंकवादी गुट एक दिन उनके लिए सिर दर्द बन जाएगा और उसके आतंकवादी यूरोप का रुख़ करेंगे।